पाँच अङ्ग
- वार
- मङ्गलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 14:43 तक, तत्पश्चात् कृष्ण त्रयोदशी 9 सितंबर 12:31 तक
- नक्षत्र
- पुष्य 16:40 तक, तत्पश्चात् आश्लेषा 9 सितंबर 15:14 तक
- योग
- परिघ 9 सितंबर 00:41 तक, तत्पश्चात् शिव 9 सितंबर 21:53 तक
- करण
- तैतिल 14:43 तक, तत्पश्चात् गर 9 सितंबर 01:35 तक, तत्पश्चात् वणिज 9 सितंबर 12:31 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:03
- सूर्यास्त
- 18:35
- चन्द्रोदय
- 9 सितंबर 03:58
- चन्द्रास्त
- 16:45
- सूर्य राशि
- सिंह
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कर्क
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 15:27 – 17:01
- यमगण्ड
- 09:11 – 10:45
- गुलिक काल
- 12:19 – 13:53
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:54 – 12:44
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- भाद्रपद
- मास (अमान्त)
- श्रावण
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- प्रदोष व्रत
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।