पाँच अङ्ग
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी 18 अक्टूबर 08:28 तक
- नक्षत्र
- मूल 09:47 तक, तत्पश्चात् पूर्वाषाढ़ा 18 अक्टूबर 12:49 तक
- योग
- अतिगण्ड 23:03 तक, तत्पश्चात् सुकर्मा 18 अक्टूबर 23:57 तक
- करण
- गर 19:11 तक, तत्पश्चात् वणिज 18 अक्टूबर 08:28 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:23
- सूर्यास्त
- 17:50
- चन्द्रोदय
- 12:27
- चन्द्रास्त
- 22:31
- सूर्य राशि
- कन्या
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- धनु
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 09:15 – 10:41
- यमगण्ड
- 13:32 – 14:58
- गुलिक काल
- 06:23 – 07:49
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:43 – 12:29
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- आश्विन
- मास (अमान्त)
- आश्विन
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- तुला संक्रान्ति (19:59)
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।