पाँच अङ्ग
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल दशमी 14:12 तक, तत्पश्चात् शुक्ल एकादशी 22 अक्टूबर 14:48 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा 19:48 तक, तत्पश्चात् शतभिषा 22 अक्टूबर 20:49 तक
- योग
- गण्ड 22 अक्टूबर 00:33 तक, तत्पश्चात् वृद्धि 22 अक्टूबर 23:40 तक
- करण
- गर 14:12 तक, तत्पश्चात् वणिज 22 अक्टूबर 02:36 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) 22 अक्टूबर 14:48 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:26
- सूर्यास्त
- 17:46
- चन्द्रोदय
- 14:55
- चन्द्रास्त
- 22 अक्टूबर 02:19
- सूर्य राशि
- तुला
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- मकर
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 12:06 – 13:31
- यमगण्ड
- 07:51 – 09:16
- गुलिक काल
- 10:41 – 12:06
- अभिजित् मुहूर्त
- बुधवार को अभिजित् मुहूर्त नहीं लिया जाता
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- आश्विन
- मास (अमान्त)
- आश्विन
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।