पाँच अङ्ग
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 13:15 तक, तत्पश्चात् कृष्ण तृतीया 27 नवंबर 09:48 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा 17:47 तक, तत्पश्चात् आर्द्रा 27 नवंबर 15:09 तक
- योग
- सिद्ध 07:50 तक, तत्पश्चात् साध्य 27 नवंबर 03:45 तक, तत्पश्चात् शुभ 27 नवंबर 23:52 तक
- करण
- गर 13:15 तक, तत्पश्चात् वणिज 23:30 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) 27 नवंबर 09:48 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:52
- सूर्यास्त
- 17:24
- चन्द्रोदय
- 19:07
- चन्द्रास्त
- 08:40
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- वृषभ
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 13:27 – 14:46
- यमगण्ड
- 06:52 – 08:11
- गुलिक काल
- 09:30 – 10:49
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:47 – 12:29
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमान्त)
- कार्तिक
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।