पाँच अङ्ग
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण नवमी 22:52 तक, तत्पश्चात् कृष्ण दशमी 3 दिसंबर 23:03 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी 08:55 तक, तत्पश्चात् उत्तरा फाल्गुनी 3 दिसंबर 09:24 तक
- योग
- विष्कम्भ 10:32 तक, तत्पश्चात् प्रीति 3 दिसंबर 09:16 तक
- करण
- तैतिल 10:58 तक, तत्पश्चात् गर 22:52 तक, तत्पश्चात् वणिज 3 दिसंबर 10:54 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:57
- सूर्यास्त
- 17:24
- चन्द्रोदय
- 3 दिसंबर 01:40
- चन्द्रास्त
- 13:04
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- सिंह
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 12:10 – 13:29
- यमगण्ड
- 08:15 – 09:34
- गुलिक काल
- 10:52 – 12:10
- अभिजित् मुहूर्त
- बुधवार को अभिजित् मुहूर्त नहीं लिया जाता
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमान्त)
- कार्तिक
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।