पाँच अङ्ग
- वार
- मङ्गलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 9 दिसंबर 06:21 तक, तत्पश्चात् शुक्ल प्रतिपदा 10 दिसंबर 08:46 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा 18:16 तक, तत्पश्चात् ज्येष्ठा 9 दिसंबर 21:01 तक
- योग
- सुकर्मा 08:07 तक, तत्पश्चात् धृति 9 दिसंबर 08:40 तक
- करण
- चतुष्पाद 17:15 तक, तत्पश्चात् नाग 9 दिसंबर 06:21 तक, तत्पश्चात् किंस्तुघ्न 9 दिसंबर 19:32 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:01
- सूर्यास्त
- 17:24
- चन्द्रोदय
- चन्द्रोदय नहीं
- चन्द्रास्त
- 16:34
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- वृश्चिक
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 14:49 – 16:06
- यमगण्ड
- 09:37 – 10:55
- गुलिक काल
- 12:13 – 13:31
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:52 – 12:34
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमान्त)
- कार्तिक
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- अमावस्या
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।