पाँच अङ्ग
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी 16:47 तक, तत्पश्चात् शुक्ल पञ्चमी 14 दिसंबर 19:16 तक
- नक्षत्र
- श्रवण 14 दिसंबर 09:12 तक
- योग
- ध्रुव 12:15 तक, तत्पश्चात् व्याघात 14 दिसंबर 13:05 तक
- करण
- विष्टि (भद्रा) 16:47 तक, तत्पश्चात् बव 14 दिसंबर 06:04 तक, तत्पश्चात् बालव 14 दिसंबर 19:16 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:05
- सूर्यास्त
- 17:26
- चन्द्रोदय
- 10:20
- चन्द्रास्त
- 21:03
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- मकर
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 16:08 – 17:26
- यमगण्ड
- 12:15 – 13:33
- गुलिक काल
- 14:50 – 16:08
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:55 – 12:36
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमान्त)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।