पाँच अङ्ग
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 12:36 तक, तत्पश्चात् कृष्ण अष्टमी 31 दिसंबर 12:32 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी 15:37 तक, तत्पश्चात् हस्त 31 दिसंबर 16:14 तक
- योग
- सौभाग्य 13:42 तक, तत्पश्चात् शोभन 31 दिसंबर 12:27 तक
- करण
- बव 12:36 तक, तत्पश्चात् बालव 31 दिसंबर 00:29 तक, तत्पश्चात् कौलव 31 दिसंबर 12:32 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:13
- सूर्यास्त
- 17:34
- चन्द्रोदय
- 31 दिसंबर 00:32
- चन्द्रास्त
- 11:36
- सूर्य राशि
- धनु
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कन्या
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 12:24 – 13:41
- यमगण्ड
- 08:31 – 09:48
- गुलिक काल
- 11:06 – 12:24
- अभिजित् मुहूर्त
- बुधवार को अभिजित् मुहूर्त नहीं लिया जाता
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- पौष
- मास (अमान्त)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।