पाँच अङ्ग
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 10 जनवरी 07:07 तक, तत्पश्चात् शुक्ल तृतीया 11 जनवरी 09:28 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 12:16 तक, तत्पश्चात् श्रवण 10 जनवरी 15:12 तक
- योग
- हर्षण 16:16 तक, तत्पश्चात् वज्र 10 जनवरी 17:03 तक
- करण
- बालव 17:51 तक, तत्पश्चात् कौलव 10 जनवरी 07:07 तक, तत्पश्चात् तैतिल 10 जनवरी 20:20 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:15
- सूर्यास्त
- 17:41
- चन्द्रोदय
- 08:21
- चन्द्रास्त
- 18:58
- सूर्य राशि
- धनु
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- मकर
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 09:52 – 11:10
- यमगण्ड
- 13:46 – 15:05
- गुलिक काल
- 07:15 – 08:33
- अभिजित् मुहूर्त
- 12:07 – 12:49
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- पौष
- मास (अमान्त)
- पौष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।