पाँच अङ्ग
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 09:28 तक, तत्पश्चात् शुक्ल चतुर्थी 12 जनवरी 11:29 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा 17:54 तक, तत्पश्चात् शतभिषा 12 जनवरी 20:14 तक
- योग
- सिद्धि 17:39 तक, तत्पश्चात् व्यतीपात 12 जनवरी 17:58 तक
- करण
- गर 09:28 तक, तत्पश्चात् वणिज 22:32 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) 12 जनवरी 11:29 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:15
- सूर्यास्त
- 17:43
- चन्द्रोदय
- 09:25
- चन्द्रास्त
- 20:48
- सूर्य राशि
- धनु
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कुम्भ
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 08:34 – 09:52
- यमगण्ड
- 11:11 – 12:29
- गुलिक काल
- 13:47 – 15:06
- अभिजित् मुहूर्त
- 12:08 – 12:50
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- पौष
- मास (अमान्त)
- पौष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।